
ग्रुप के सह-संस्थापक मोजम्मिल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आमिर से संपर्क किया और इस नेक कार्य में उनकी मदद ली। मोहम्मद आमिर की तत्परता और निस्वार्थ भाव से किए गए इस रक्तदान ने रहनुमा परवीन की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है।
पनहेसा यूथ ब्लड ग्रुप लगातार ज़रूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहा है और युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रक्तदान महादान है।
अगर आपको भी किसी की मदद करनी हो या आपको रक्त की आवश्यकता हो, तो आप पनहेसा यूथ ब्लड ग्रुप से संपर्क कर सकते हैं।