बिहार शरीफ, 13 सितंबर 2025 — मानवता और निस्वार्थ सेवा की एक मिसाल कायम करते हुए, पन्हेस्सा यूथ ब्लड ग्रुप ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नेक नीयत और समय पर की गई मदद किसी की ज़िंदगी बचा सकती है। ग्रुप को गंगदीवान, बिहार शरीफ की निवासी शफीना खातून के लिए एक आपातकालीन सूचना मिली। उन्हें तुरंत O+ ब्लड की आवश्यकता थी।
इस खबर को सुनते ही, पन्हेस्सा यूथ ब्लड ग्रुप के सह-संस्थापक मोजम्मिल तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने बिना देर किए इस ज़रूरी ब्लड का इंतज़ाम करने की ज़िम्मेदारी संभाली। उनकी मेहनत और नेक इरादे का नतीजा यह रहा कि डोनर अब्दुल अज़ीज़ ने स्वेच्छा से आगे आकर अपना खून दान किया। अब्दुल अज़ीज़ के इस नेक काम से शफीना खातून की जान बचाई जा सकी।
मोजम्मिल और अब्दुल अज़ीज़ का यह प्रयास बताता है कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। यह घटना न सिर्फ पन्हेस्सा यूथ ब्लड ग्रुप के समर्पण को दर्शाती है, बल्कि हमें यह भी याद दिलाती है कि हम सब मिलकर एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं और जीवन बचा सकते हैं।
यह प्रेरणादायक मदद हमें सिखाती है कि जब हम एक साथ आते हैं, तो हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। अब्दुल अज़ीज़ जैसे डोनर हमारे समाज के असली हीरो हैं। उनका यह कार्य कई लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा।
